हॊम   | सगंटन  | उद्धॆश्य‌  | प्रमाणन  | मार्गदर्शिका  | प्रवर्तन  | ऎफ़.ऐ.क्यु  | पॊस्टर्स‌  | प्रकाशन 
 
 

 

फिल्मों का सेंसरषिप इसके लिए जरूरी है कि एक फिल्म विचार और प्रवृत्ति को प्रेरित करती है। मुद्रित षब्दों की तुलना में वह कहीं अधिक अनुपात में ध्यान और स्मरण सुनिष्चित करती है । थिएटर के अर्ध-अंधेरे कमरे में सभी विचलित विचारों को दूर करके बैठे हुए दर्षकों के मन में अभिनय, वाणी, दृष्य और ध्वनि की मेल से न सिर्फ उनके मन पर बल्कि उनके विचारों पर भी प्रभाव पडता है । इसलिए इसे अच्छाई के प्रति जितनी क्षमता है उतनी ही हीनता के प्रति भी है। इसमें अच्छे और हिंसात्मक व्यवहार को बनाने और बनाए रखने की समान क्षमता है । संचार के अन्य माध्यमों से इसकी बराबरी नहीं कर सकती हैं । सेंसरषिप का पूर्व-नियंत्रण वांछनीय ही नहीं बल्कि अत्यावष्यक भी है ।

 

 

 

 

 
अध्यक्षों की सूचि
बोर्ड सदस्यों की सुची
चलचित्र अधिनियम, 1952
नागरिक शासन पत्र
सूचना का अधिकार
सी.पि.आइ.ओ
फॉर्म डाउनलोड